Accession Day: आज के दिन जम्मू-कश्मीर का भारत में हुआ था विलय

Accession Day: 28 अक्टूबर को ब्रिटिश संसद ने महाराजा हरि सिंह द्वारा विलय (Accession Day) के दस्तावेज पर हस्ताक्षर के 75 वें वर्ष का जश्न मनाया है. इसके माध्यम से जम्मू और कश्मीर को तत्कालीन रूप से भारत में विलय करवाया गया था.

आज ही दिन मनाया जाता है Accession Day

DailyExcelsior.COM की रिपोर्ट के अनुसार, इस अहम दिन (Accession Day) को याद रखते हुए हर साल 26 अक्तूबर को विलय दिवस (Accession Day) मनाया जाता है. राजनेताओं और इतिहासकारों के अनुसार विलय दिवस की बदौलत जम्मू-कश्मीर के लोगों को भारतीय नागरिक होने का गौरव हासिल हुआ है.

बता दें की, जम्मू-कश्मीर रियासत को कबाइलियों से बचाने के लिए महारजा हरि सिंह ने केंद्र सरकार की मदद मांगी थी. तब केंद्र ने उनकी मदद की थी लेकिन महारजा हरि सिंह के साथ यह शर्त रखी थी की उनको जम्मू-कश्मीर का विलय भारत (Accession Day)में करना होगा.

Accession Day: आज के दिन जम्मू-कश्मीर का भारत में हुआ था विलय
Accession Day: आज के दिन जम्मू-कश्मीर का भारत में हुआ था विलय

ऐतिहासिक दिवस के स्मरणोत्सव (commemoration) का आयोजन जम्मू कश्मीर स्टडी सेंटर यूके द्वारा किया गया था. जो जम्मू-कश्मीर के अध्ययन के लिए समर्पित एक थिंक टैंक है और इस कार्यक्रम की मेजबानी कंजर्वेटिव सांसद बॉब ब्लैकमैन ने की थी.

जम्मू-कश्मीर में 10,000 करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाएं चल रही हैं

यह कार्यक्रम क्षेत्र के वर्तमान विकास को प्रदर्शित करने पर केंद्रित था. जिसमें अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद से देखे गए सकारात्मक बदलाव भी शामिल थे. सूचना विभाग के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 10,000 करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाएं चल रही हैं. और लगभग 60,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों पर कार्रवाई की जा रही है. जो जम्मू-कश्मीर में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार के सफल अभियान को दर्शाता है.

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, नया जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद निवेश पारिस्थितिकी में बहुत बदलाव आया है. हजारों नवोदित उद्यमी (budding entrepreneurs) अपनी इकाइयाँ स्थापित कर रहे हैं और रोल मॉडल के रूप में उभर रहे हैं.

कार्यक्रम में इतने लोग थे उपस्थित

इस कार्यक्रम में 100 से अधिक लोगों की  उपस्थित थी. इस कार्यक्रम में कई स्थानीय पार्षद, समुदाय के नेता, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, प्रवासी सदस्य और भारत के मित्र शामिल थे.

DailyExcelsior.COM  की रिपोर्ट के अनुसार, एमपी बॉब ब्लैकमैन के अलावा, इस कार्यक्रम में एमपी थेरेसा विलियर्स, चिपिंग बार्नेट, वीरेंद्र शर्मा एमपी-चेयर, एपीपीजी फॉर इंडिया और ओवेसा इकबाल, फर्स्ट सेक्रेटरी, भारतीय उच्चायोग शामिल थे.

बॉब ब्लैकमैन ने फ्रेम्ड कॉपी को किया प्रदर्शित

हाउस ऑफ कॉमन्स में इस सूचनात्मक सेमिनार की अध्यक्षता करने वाले बॉब ब्लैकमैन ने महाराजा हरि सिंह द्वारा हस्ताक्षरित इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेसेशन की अपनी तैयार की गई फ्रेम्ड कॉपी को प्रदर्शित किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि दिवंगत महाराजा ने जम्मू-कश्मीर की संपूर्णता को भारत को सौंप दिया था और जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और 1947 से है.

सज्जाद राजा ने कहा कि, “पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (POK) बुनियादी मानवाधिकारों के सबसे खराब कल्पनीय उल्लंघन (imaginable violation) का सामना कर रहा है. DailyExcelsior.COM की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने जम्मू-कश्मीर के एकीकरण की मांग की और लोगों से पाकिस्तान और पीओके पर उसके अवैध कब्जे के खिलाफ आवाज उठाने और खड़े होने का आह्वान किया.

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