Afghanistan में 79% घरों में पानी की है कमी

Afghanistan: खामा प्रेस ने संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष (UNICEF) के एक सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि अफगानिस्तान (Afghanistan) में लगभग 79 प्रतिशत घरों में पानी की गंभीर कमी है.  जिससे लोगों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पानी का उपभोग करना चुनौतीपूर्ण हो गया है.

Afghanistan कर रहा मुसीबत का सामना

खामा प्रेस से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्षों से, सूखे और अन्य समस्याओं ने देश में पानी की कमी को जन्म दिया है. पानी की कमी की समस्या गंभीर है और यूनिसेफ समस्या का समाधान करने में अफगानिस्तान की मदद करेगा. खामा प्रेस के अनुसार, यूनिसेफ अफगानिस्तान (Afghanistan) के प्रवक्ता सलाम अल-जनाबी ने कहा है की, अगले वर्ष 9 मिलियन लोगों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित पानी लाना संगठन के लिए प्राथमिकता है.

इस बीच, अफगान (Afghanistan) परिवार भी देश में पानी की कमी को लेकर चिंतित हैं. काबुल के कुछ निवासियों के अनुसार, जल स्तर गंभीर रूप से नीचे गिर गया है. और ज्यादातर कुएँ सूख गए हैं. जिससे उन्हें स्वच्छ पानी की आपूर्ति करने के लिए नए सिरे पानी को खोजना पड़ रहा है. इस चुनौतीपूर्ण आर्थिक समय में आम लोगों के लिए सूखा और पानी की कमी एक नई कठिनाई बन गई है.

Afghanistan में 79% घरों में पानी की है कमी
Afghanistan में 79% घरों में पानी की है कमी

अफगानिस्तान पहले से ही भुखमरी और गरीबी का कर रहा है सामना

अफगानिस्तान (Afghanistan)  में भुखमरी, गरीबी, बेरोजगारी, सुरक्षा, और पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा तक पहुंच की कमी का लोगों के जीवन पर पहले से ही नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. खामा प्रेस ने बताया कि इसके अलावा, स्वास्थ्य पेशेवरों के अनुसार, सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति करने में विफलता, व्यक्तियों, विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में युवाओं के बीच कई बीमारियों को फैला रहा है.

बता दें की, गिरते भूजल स्तर (groundwater) के कारण, अफगानिस्तान (Afghanistan) के कई प्रांत पीने योग्य पानी की उपलब्धता के एक महत्वपूर्ण मुद्दे का सामना कर रहे हैं. क्योंकि पानी की कमी काबुल के निवासियों के लिए एक चुनौती बन गई है.

kabul में इतनी प्रतिशत पानी कम हो गया था

अधिकारिक रिपोर्ट्स की माने तो, विशेष रूप से, पानी के अत्यधिक उपयोग के कारण 2022 की शुरुआत के बाद से काबुल में भूजल स्तर में 50 प्रतिशत की गिरावट आई थी. इसके अलावा बता दें की, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने एक बयान में कहा था की, अफगानिस्तान में तालिबान शासन ने युद्ध से तबाह देश में गरीबी और बेरोजगारी के स्तर को बढ़ा दिया है. जिसके परिणामस्वरूप लोगों का जीवन कठिन हो गया है.

खामा प्रेस ने बताया कि विश्व खाद्य कार्यक्रम ने बुधवार को ट्वीट किया था की और कहा कि अधिकांश आबादी को मानवीय सहायता की सख्त जरूरत है. डब्ल्यूएफपी (WFP) ने कहा था की, “अफगानिस्तान की आधी से अधिक आबादी भूख से पीड़ित है. और उसे तुरंत सहायता की जरूरत है.” उन्होंने आगे कहा कि WFP ने आजीविका सहायता और पूंजी निर्माण के माध्यम से 10 मिलियन से अधिक महिलाओं का समर्थन किया है.

इसके अलावा, अफगानिस्तान में गरीबी दर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार 97 प्रतिशत तक बढ़ गई है और दस में से नौ व्यक्ति पर्याप्त भोजन नहीं कर पा रहे हैं. विश्व खाद्य कार्यक्रम का अनुमान है कि लगभग 19 मिलियन अफगान विश्व खाद्य दिवस पर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे थे.

Leave a Reply