Ghaziabad में तेज़ी से फ़ैल रहा Dengue, अब तक 600 से ज्यादा मामले आए सामने

Ghaziabad: जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि इस साल गाजियाबाद (Ghaziabad) में डेंगू के मामलों ने कम होने का नाम नहीं ले रहें हैं. जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि मंगलवार तक जिले में 1 अगस्त से 623 मामले सामने आए हैं. जो देश में दूसरी सबसे बड़ी डेंगू के मामलों की संख्या है.

Ghaziabad में डेंगू का फैला आतंक

हिंदुस्तान टाइम्स से मिली जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले में भी डेंगू के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) का एक हिस्सा भी है.  डेंगू के रोगियों की संख्या 600 को पार कर गई है. अधिकारियों ने कहा कि तापमान में और गिरावट आने तक मामले में बढोतरी की उम्मीद हैं.

हालांकि, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले में डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई है. जिला चिकित्सा अधिकारी ने स्थिति को नियंत्रण करने का भरोसा दिलाया है. गाजियाबाद (Ghaziabad) के सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी राकेश गुप्ता ने कहा, “किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में डेंगू रोगियों के लिए बिस्तर अलग से आरक्षित किए गए हैं.”

Ghaziabad में तेज़ी से फ़ैल रहा Dengue, अब तक 600 से ज्यादा मामले आए सामने
Ghaziabad में तेज़ी से फ़ैल रहा Dengue, अब तक 600 से ज्यादा मामले आए सामने

Ghaziabad के सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने साझा की स्थिति

गाजियाबाद (Ghaziabad) के सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी राकेश गुप्ता ने आगे कहा की, “आमतौर पर मामले हर साल दिवाली तक बंद हो जाते हैं. लेकिन इस साल डेंगू की प्रवृत्ति बदल गई है और मामले अभी भी सामने आ रहे हैं. स्थिति से निपटने के लिए, हम प्रत्येक सकारात्मक मामले की मैपिंग कर रहे हैं.”

आगे उन्होंने कहा है की, “और आने वाले मामलों के साथ समूहों की पहचान की गई है. कुल मिलाकर, हमारे पास रैपिड रिस्पांस टीमों (RRT) के लिए 71 टीमें तैनात हैं. जहां से सकारात्मक मामले सामने आए हैं. घरों के पास लार्वा विरोधी गतिविधियों को संवेदनशील बनाने और लेने के लिए तैनात किया गया है.”

शहरी इलाके में आ रहे ज्यादातर मामले

बताया जा रहा है की, डेंगू के सबसे ज्यादा मामले शहरी इलाकों से सामने आए हैं. विशेष रूप से वे लोग डेंगू से पीड़ित पाए गए हैं. जो अपनी नौकरी और अन्य रोजाना कार्यों के लिए लगभग रोज दिल्ली आते हैं. कौशांबी, इंदिरापुरम, वैशाली और वसुंधरा इलाकों में और उसके आसपास डेंगू के मरीज मिले हैं. जहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोग दिल्ली जाते हैं.

जिले में पिछले साल 1,238 मामले दर्ज किए गए थे. जो 2014 के बाद से सबसे अधिक मामले हैं. जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा साझा किए गए मामलों के अनुसार, गाजियाबाद में 2014 में 226 मामले, 2015 में 413, 2016 में 621 मामले दर्ज किए गए. जिसमें एक की मौत हुई थी. 2017 में 232 मामले दर्ज किए गए थे. 2018 में 68, 2019 में 88, 2020 में 15 और 2021 में 1,238 में सामने आए थे.

इस वक़्त स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है

राष्ट्रीय राजधानी से सटे इलाकों में नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है क्योंकि डेंगू के ज्यादातर मरीज इन्हीं इलाकों से पाए गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि इन इलाकों में जांच की जा रही है और पिछले कुछ दिनों से रोजाना डेंगू के 10 से 12 मामले सामने आ रहे हैं.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि डेंगू के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए उन्होंने डासना, मुरादनगर, मोदीनगर और लोनी के चार ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों में से प्रत्येक में पहले से ही पांच बिस्तर आरक्षित किए हैं. जबकि एमएमजी (MMG) जिला अस्पताल में 10-10 बिस्तर आरक्षित किए गए हैं.

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