China की सत्ताधारी पार्टी के 50 लाख लोगों पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप

China:  चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान ने 2012 से लगभग पांच मिलियन (50 लाख) अधिकारियों की जांच की है. सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा, “चीनी (China) राष्ट्रपति द्वारा चेतावनी दी गई थी कि पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में अब सख्त कदम उठाएगी.”

China में इतने लोग हैं भ्रष्टाचार में लिप्त

Dawn से मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार को शुरू हुई पार्टी की 20वीं कांग्रेस के एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, पार्टी के भ्रष्टाचार विरोधी निकाय के उप प्रमुख (deputy head of the party’s anti-graft body) जिओ पेई ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में पार्टी के करीब 207,000 अधिकारियों को दंडित किया गया है.

China की सत्ताधारी पार्टी के 50 लाख लोगों पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप
China की सत्ताधारी पार्टी के 50 लाख लोगों पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप

पार्टी के भ्रष्टाचार विरोधी निकाय के उप प्रमुख (deputy head of the party’s anti-graft body) जिओ पेई ने कहा कि नवंबर 2012 में राष्ट्रपति शी के सत्ता में आने के बाद से देश भर में 46 लाख से अधिक अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच की जा चुकी है.

मंत्री स्तर के लोगों पर भी लगे भ्रष्टाचार के आरोप

जिओ ने आगे कहा कि इन मामलों में मंत्री स्तर और उससे ऊपर के 553 अधिकारी शामिल हैं. बताया जा रहा है की होने वाले चुनाव में शी के फिर से चीन (China) राष्ट्रपति बनने की उम्मीद है. अगर इस बार वो फिर से चीन (China) की सत्ता संभालते हैं तो माओत्से तुंग के बाद अधिक समय तक सत्ता में बने रहने वाले एकमात्र नेता बन जाएंगे.

उधर आलोचकों का कहना है कि शी ने सत्ता को मजबूत करने और इसमें बने रहने के लिए अपने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया है. चीन में हो रही कांग्रेस से पहले तीन शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों को भ्रष्टाचार के लिए दो साल की जेल की सज़ा दी गई थी और उसके बाद मौत की सजा सुनाई गई थी.

सत्ताधारी पार्टी कर रही दिखावा

वियना विश्वविद्यालय (University of Vienna) में चीनी (China)  राजनीति के विशेषज्ञ लिंग ली (Ling Li) ने कहा कि पार्टी सिर्फ भ्रष्टाचार विरोधी अभियान अपने फायदे के लिए चला रही है. उन्होंने आगे हांगकांग स्थित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को बताया कि, अगले पांच वर्षों और उसके बाद चीन आने वाले सालों में भ्रष्टाचार सबसे शक्तिशाली उपकरण बन गया है और बना भी  रहेगा.

उन्होंने कहा कि इसे एक आत्म-क्रांति (self-revolution) के रूप में जाना जा रहा है. यह क्रांति लाने की वजह है की अपने सदस्यों को सत्ता के पदों पर बनाए रखना. यह एक पार्टी द्वारा अपने आप  से की गई एक असाधारण पहल है.

PLA भी है भ्रष्टाचार से लिप्त

जानकारी के लिए बता दें की, सत्ताधारी  पार्टी के 9.6 करोड़ सदस्य हैं और किसी प्रकार के भ्रष्टाचार में लिप्त होने या अपने अधिकार का दुरुपयोग करने पर कड़ी सजा की चेतावनी एवं आंतरिक प्रणाली के जरिए निगरानी की व्यवस्था की गई है.

ना सिर्फ नेता मंत्री बल्कि चीनी सेना भी भ्रष्टाचार से लिप्त है. बताया जाता है की, चीन की जितनी बड़ी सेना है, उसमें उतने ही बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार भी फैला है. कई जगह इस बात के बारे में छपा है की दरअसल PLA देश की नहीं बल्कि  कम्युनिस्ट पार्टी की सेना है. जैसे पार्टी कहती है वैसा ही सेना करती है.

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