Indonesia में आए भूकंप से 44 की हुई मौत, 300 लोग हुए घायल

Indonesia:इंडोनेशिया (Indonesia) के मुख्य द्वीप जावा में भूकंप से दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और कम से कम 164 लोगों की मौत हो गई है. आशंका जताई जा रही है की हताहत होने वालों की संख्या बढ़ सकती है.

US जियोलॉजिकल सर्वे ने कहा है कि सोमवार को 5.6 तीव्रता का भूकंप इंडोनेशिया (Indonesia) के पश्चिम जावा प्रांत के सियानजुर क्षेत्र में आया है. इसकी वजह से राजधानी जकार्ता में निवासियों को सुरक्षा के लिए सड़कों पर बाहर भागना पड़ा.

Indonesia में भूकंप की वजह से लोगों में है डर का माहौल

हिंदुस्तान टाइम्स से मिली जानकारी के मुताबिक, इंडोनेशिया (Indonesia) के पश्चिमी जावा में सोमवार को आए तेज भूकंप में कम से कम 164 लोगों की मौत हो गई और करीब 300 लोग घायल हो गए हैं.

(Indonesia) के सियांजुर के प्रशासन के प्रमुख हरमन सुहरमन ने कहा है की, “अभी मुझे जो जानकारी मिली है. उसमें अकेले इस अस्पताल में करीब 164 लोगों की मौत हो गई है और कम से कम 300 लोगों का इलाज चल रहा है. उनमें से ज्यादातर को इमारतों के खंडहरों में फंसने के कारण फ्रैक्चर हुआ है.”

Indonesia में आए भूकंप से 44 की हुई मौत, 300 लोग हुए घायल
Indonesia में आए भूकंप से 164 की हुई मौत, 300 लोग हुए घायल

इतनी रिक्टर स्केल पर था भूकंप

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 5.6 रिक्टर स्केल थी. रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने कहा कि भूकंप इतना तेज था कि लोग अपार्टमेंट और कार्यालयों से बाहर निकल आए. फिलहाल अभी तक किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली है.

बीएमकेजी प्रमुख द्विकोरिता कर्णावती ने संसद भवन में संवाददाताओं से कहा कि भूकंप के बाद के झटकों की स्थिति लगातार बनी हुई है. अधिकारियों के अनुसार, भूकंप के कारण मामूली भूस्खलन सियांजुर में हुआ है. जो जकार्ता से लगभग 180 किलोमीटर दूर है. भूकंप में फंसे दो लोगों को तो बचा लिया गया है. लेकिन तीसरे की जान नहीं बच सकी.

पुलिस ने साझा की यह जानकारी

सियानजुर के पुलिस प्रमुख डोनी हेर्मवान ने ब्रॉडकास्टर मेट्रो टीवी को बताया की, “हम एक महिला और एक बच्चे को जिंदा निकालने में कामयाब रहे. लेकिन दूसरे की मौत हो गई है. अभी के लिए मैं केवल यही साझा कर सकता हूं. आगे घटना के बारे में पता चलते ही आपसे जानकारी साझा की जाएगी.” उन्होंने कहा, “यह एक अस्पताल से है, सियांजुर में चार अस्पताल हैं.” उन्होंने कहा कि यह संभव है कि मरने वालों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है.

मेट्रो टीवी के फुटेज में दिखाया गया है कि सियांजुर में कुछ इमारतें लगभग पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गई हैं. बीएमकेजी (BMKG) के एक अन्य अधिकारी सुको प्रायितनो आदि ने कहा कि अधिकारी भूकंप से हुए नुकसान की जांच कर रहे हैं.

इमारतें हो गईं है खँडहर

दक्षिण जकार्ता में एक कर्मचारी विडी प्रिमाधनिया ने कहा है की,“भूकंप इतना तेज महसूस हुआ. मेरे सहयोगियों और मैंने आपातकालीन सीढ़ियों का उपयोग करके नौवीं मंजिल पर स्थित अपने कार्यालय से बाहर निकलने का फैसला किया.”

इसके अलावा बता दें की, मुचलिस जो भूकंप के समय सियांजुर में थे. उन्होंने कहा कि उन्होंने एक बड़ा झटका महसूस किया और उनके कार्यालय भवन की दीवारें और छत क्षतिग्रस्त हो गईं हैं. उन्होंने आगे कहा की, “मैं बहुत चौंक गया था. मुझे चिंता है कि एक और भूकंप आ सकता है.”

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