300 चीनी सैनिक LAC में घुसे, भारतीय सेना ने सिखाया सबक

LAC: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के चलते एक बार फिर दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई है. 9 दिसंबर को चीन और भारत के आमने-सामने होने के चलते पक्षों के कुछ सैनिकों को मामूली चोटें आईं हैं. भारतीय और चीनी सैनिकों के पीछे हटने से पहले पिछले हफ्ते अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर झड़प हुई है.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ मंगलवार सुबह एक उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा स्थिति पर चर्चा करने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ से मुलाकात की है.

LAC पर फिर हुई झड़प

अधिकारिक मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) शुक्रवार को आमने-सामने के क्षेत्र में तैनात भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को करारा जवाब दिया और झड़प में घायल हुए चीनी सैनिकों की संख्या भारतीय सैनिकों से अधिक बताई जा रही है

पूर्वी लद्दाख में झड़पों के बाद से भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच लंबे समय में पहली बार LAC पर इस तरह की झड़प की सूचना मिली है. जून 2020 में गलवान घाटी में इन झड़पों में सबसे भयानक झड़प हुई थी. जब 20 भारतीय सैनिक देश के लिए शहीद हो गए और 40 से अधिक चीनी सैनिक मारे गए या घायल हो गए थे. इस घटना ने दोनों देशों के बीच टकराव की एक श्रृंखला शुरू कर दी थी.  जिसमें पैंगोंग झील का दक्षिण तट भी शामिल है.

300 चीनी सैनिक LAC में घुसे, भारतीय सेना ने सिखाया सबक
300 चीनी सैनिक LAC में घुसे, भारतीय सेना ने सिखाया सबक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा स्टाफ के साथ की हाई लेवल मीटिंग

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा स्टाफ के प्रमुख जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ सुरक्षा स्थिति पर एक उच्च स्तरीय बैठक की है.  क्योंकि अरुणाचल प्रदेश के तमांग में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन के बीच झड़प हुई थी.

बताया जा रहा है की, ताजा झड़पों पर रक्षा मंत्री संसद में बयान देने के लिए तैयार हैं. वह दोपहर 12 बजे लोकसभा और 12:30 बजे राज्यसभा को संबोधित करेंगे. एक बयान में, सेना ने सोमवार को कहा है की, “PLA (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) के सैनिकों ने तवांग सेक्टर में एलएसी (LAC) से संपर्क किया. जिसका अपने सैनिकों ने डटकर मुकाबला किया. इस आमने-सामने की लड़ाई में दोनों पक्षों के कुछ कर्मियों को मामूली चोटें आईं हैं.”

अधिकारिक ट्वीट…

सैन्य कमांडरों के बीच हुई थी बैठक

सैन्य कमांडरों के बीच कई बैठकों के बाद, भारतीय और चीनी सैनिक लद्दाख में गोगरा-हॉट स्प्रिंग्स सहित प्रमुख बिंदुओं से पीछे हट गए थे. सरकारी सूत्रों के अनुसार, सीमा की अलग-अलग धारणाओं के कारण 2006 से इस तरह के टकराव हो रहे हैं.

इसके अलावा बता दें की, सरकार ने कहा कि,

“घटना के बाद, क्षेत्र में भारतीय कमांडर ने शांति बहाल करने के लिए संरचित तंत्र (tranquility) का पालन करने के लिए अपने चीनी समकक्ष के साथ एक फ्लैग मीटिंग की है.”

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से किया आग्रह

अरुणाचल प्रदेश के तवांग में नवीनतम भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी आमने-सामने होने पर केंद्र पर निशाना साधते हुए, कांग्रेस ने सरकार से बीजिंग को कड़े स्वर में समझाने का आग्रह किया है.

चीन और भारत के बीच काफी समय से विवाद चल रहा है. LAC दोनों देशों के लिए एक नाज़ुक मुद्दा है. इस मुद्दे को लेकर सरकार गंभीरता से सोच रही है और जल्दी ही कोई कड़े कदम उठाने की आशंका जताई जा रही है.

2 thoughts on “300 चीनी सैनिक LAC में घुसे, भारतीय सेना ने सिखाया सबक”
  1. […] भारत के माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म के सह-संस्थापक मयंक बिदावतका ने ट्विटर (Twitter) पर कहा है की, “मैं भूल गया. और भी बहुत कुछ है! मास्टोडन अकाउंट पर प्रतिबंध लगाना. मास्टोडन लिंक को असुरक्षित बताते हुए अनुमति नहीं देना. कू के प्रतिष्ठित हैंडल पर प्रतिबंध लगाना. मेरा मतलब गंभीरता से है. कितना आदमी को और अधिक नियंत्रण की आवश्यकता है?” […]

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