यूक्रेन में लड़ने से इनकार करने के लिए 100 से अधिक रूसी राष्ट्रीय गार्डों को निकाल दिया गया है | अदालत के दस्तावेजों से पता चलता है कि यूक्रेन पर मास्को के आक्रमण पर सुरक्षा बलों के कुछ हिस्सों के बीच असंतोष के स्पष्ट संकेत मिलते है।

115 राष्ट्रीय रक्षकों का मामला जिसे रोसगार्डिया यूनिट के नाम से भी जाना जाता है, बुधवार को तब प्रकाश में आया, जब एक स्थानीय रूसी अदालत ने उनके सामूहिक मुकदमे को खारिज कर दिया, जिसमे उनकी बर्खास्तगी को चुनौती दी गयी थी।

अदालत के फैसले के अनुसार, जो वेबसाइट पर प्रकाशित है कि मुकदमा तब खारिज कर दिया गया जब न्यायाधीश ने पाया कि सैनिकों को यूक्रेन में लड़ने के लिए “आधिकारिक असाइनमेंट मिला था जिसका पालन करने से इनकार करने और इसके बजाय ड्यूटी स्टेशन पर लौट आए” जिसके कारण उनको सही तरीके से निकाल दिया गया था |

यह अपील रूसी काकेशस में काबर्डिनो-बाल्केरियन गणराज्य की राजधानी नालचिक में हुई थी जहां यह सैन्य टुकड़ी तैनात थी। रूस के पड़ोसी यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से, उसकी सेना कथित तौर पर खराब मनोबल से त्रस्त हो गई है, सैनिकों की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्हें यूक्रेन सीमा पार करने तक नहीं पता था कि वह यूक्रेन से युद्ध लड़ने जा रहे थे |

115 सैनिकों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील आंद्रेई सबिनिन ने कहा कि मामले की जटिलता को देखते हुए अदालत का फैसला “अभूतपूर्व रूप से त्वरित” था।

“मैं पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता के बारे में संदेह व्यक्त करता हूं क्योंकि मेरे मुवक्किलों के कुछ गवाहों को बुलाने से इनकार कर दिया गया था और कई दस्तावेजों को अदालत ने खारिज कर दिया था।”

सबिनिन के अनुसार, रोसगार्डिया यूनिट के कमांडरों ने सैनिकों को लड़ाई न करने का विकल्प दिया जिसके कारण उनकी बर्खास्तगी अवैध थी।

रोसगार्डिया यूनिट क्या है ?

रूस ने 2016 में आतंकवाद से लड़ने और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना से अलग एक सैन्य बल, रोसगार्डिया बनाया। अपनी स्थापना के बाद से, Rosgvardia के सदस्य, जिसे अक्सर व्लादिमीर पुतिन की “निजी सेना” के रूप में जाना जाता है | ये ज्यादातर शांतिपूर्ण सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल रहे हैं।

By Satyam

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